संसद के मानसून सत्र में फिर हंगामा: राहुल गांधी से जवाब मांग रहा सत्ता पक्ष, अमित शाह के बयान पर अड़ा विपक्ष

दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का बुधवार को 18वां दिन है। सत्र के अंतिम दौर में पहुंचने के बावजूद सदन के भीतर और संसद परिसर में राजनीतिक गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद अलग-अलग मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष के सांसद राहुल गांधी से जवाब मांग रहे हैं। वहीं, विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग कर रहा है।
मानसून सत्र खत्म होने में अब केवल दो दिन बाकी हैं। पिछले 17 दिनों की कार्यवाही के दौरान संसद में 12 नए विधेयक पेश किए गए। इनमें से 7 विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं। हालांकि, इनमें से केवल दो विधेयकों पर सदन में चर्चा हो सकी। बाकी विधेयक विपक्ष के हंगामे और विरोध के बीच पारित किए गए।
लगातार हंगामे के कारण संसद की उत्पादकता भी प्रभावित हुई है। 17 दिनों में लोकसभा में करीब 16 घंटे 12 मिनट और राज्यसभा में लगभग 28 घंटे 30 मिनट ही काम हो सका। लोकसभा में सात विधेयक महज 36 मिनट में पारित हुए। इस पूरे सत्र के दौरान प्रश्नकाल सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जिससे सांसदों के सवालों और सरकार के जवाबों के लिए निर्धारित समय भी प्रभावित हुआ।
बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
इसी बीच, न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से जुड़े कथित कैश कांड की जांच रिपोर्ट भी आज संसद में पेश किए जाने की बात कही जा रही है। तीन सदस्यीय जांच समिति ने मामले में 55 से ज्यादा गवाहों से पूछताछ की थी। रिपोर्ट में जांच के दौरान जुटाए गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को शामिल किया गया है। अब इस रिपोर्ट को लेकर भी संसद में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।



