टाटा संस में बड़ा बदलाव: एन चंद्रशेखरन ने चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, फरवरी 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी

मुंबई। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वे फरवरी 2027 तक चेयरमैन के पद पर बने रहेंगे। उनका यह फैसला 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की एजीएम से ठीक पहले आया है। इस्तीफे के बाद अब टाटा समूह में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
एन चंद्रशेखरन 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। वे टाटा परिवार से बाहर के पहले पेशेवर मैनेजर थे, जिन्हें समूह की कमान सौंपी गई थी। उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने कई नए क्षेत्रों में विस्तार किया। समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण करने के साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल कारोबार में बड़े निवेश किए।
चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ग्रुप का वित्तीय आकार भी तेजी से बढ़ा। वित्त वर्ष 2020 में समूह का रेवेन्यू करीब 7.89 लाख करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसी अवधि में समूह का शुद्ध मुनाफा 32 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर करीब 1.71 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी 9.31 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 24.39 लाख करोड़ रुपए हो गया।
कार्यकाल बढ़ाने को लेकर मतभेद की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, चंद्रशेखरन के इस्तीफे के पीछे 18 अगस्त की एजीएम में संभावित वोटिंग और उनके कार्यकाल को लेकर बनी अनिश्चितता अहम वजह हो सकती है। टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा उनके कार्यकाल के विस्तार के पक्ष में नहीं बताए जा रहे थे।
फरवरी 2024 में बोर्ड ने चंद्रशेखरन के अगले पांच साल के कार्यकाल की सिफारिश की थी। हालांकि, बाद में नए कारोबारों के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे और दो साल के कार्यकाल की चर्चा सामने आई।
बड़े प्रोजेक्ट्स के बीच नेतृत्व परिवर्तन
चंद्रशेखरन का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टाटा समूह सेमीकंडक्टर फैब, ईवी बैटरी और एयर इंडिया के विलय जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। अब नए चेयरमैन की तलाश के साथ समूह के भविष्य की रणनीति पर भी नजर रहेगी।



