शम्मी कपूर हटाना चाहते थे आरडी बर्मन को, फिर बना ‘आजा-आजा’ जैसा सदाबहार हिट

मुंबई। बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता। कई कलाकारों को शुरुआत में संघर्ष और असफलताओं का सामना करना पड़ता है। संगीतकार आरडी बर्मन यानी पंचम दा के करियर की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही चुनौतियों से हुई थी।
फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ के दौरान अभिनेता शम्मी कपूर उनके साथ काम करने को लेकर हिचकिचा रहे थे। हालांकि, निर्देशक विजय आनंद के फैसले ने आरडी बर्मन को बड़ा मौका दिया और आगे चलकर यही फिल्म उनके करियर की अहम उपलब्धियों में शामिल हुई।
साल 1966 में रिलीज हुई ‘तीसरी मंजिल’ का निर्देशन विजय आनंद और निर्माण नासिर हुसैन ने किया था। फिल्म के सबसे लोकप्रिय गीत ‘आजा-आजा मैं हूं प्यार तेरा’ का संगीत आरडी बर्मन ने तैयार किया था। बताया जाता है कि शम्मी कपूर नहीं चाहते थे कि एक नए संगीतकार को फिल्म के गीत की जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने इस बारे में विजय आनंद से बात भी की थी।
विजय आनंद ने हालांकि अपना फैसला नहीं बदला। उन्होंने आरडी बर्मन के पिता से किए वादे के चलते पंचम दा को मौका दिया। निर्माता नासिर हुसैन ने भी उन्हें रॉक एंड रोल अंदाज में ऐसा गाना बनाने की चुनौती दी, जिस पर लोग झूम उठें।
आरडी बर्मन ने चुनौती स्वीकार की और ऐसी धुन तैयार की, जो आज भी लोगों को थिरकने पर मजबूर करती है। मोहम्मद रफी की आवाज में रिकॉर्ड हुआ ‘आजा-आजा’ शम्मी कपूर और आशा पारेख पर फिल्माया गया था। करीब छह दशक बाद भी यह गीत पार्टियों और क्लबों में लोकप्रिय है और नई पीढ़ी के बीच भी इसकी खास पहचान बनी हुई है।



