CJP प्रदर्शन में 2,873 लोगों का क्रिमिनल रिकॉर्ड मिला,FRS से हुई पहचान

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन स्थल पर मौजूद 2,873 लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आई है।
इनमें 989 लोग गंभीर अपराधों से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से इन लोगों की पहचान की।
पुलिस के अनुसार, इन लोगों में हत्या, यौन अपराध, पॉक्सो, लूट और डकैती जैसे गंभीर मामलों के आरोपी शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या के 101 आरोपियों की पहचान हुई है।
इनमें 42 लोगों पर दो या उससे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 12 आरोपियों के खिलाफ 10 या उससे अधिक मामले बताए गए हैं।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इनमें से कितने लोग 20 जुलाई की हिंसक झड़प में शामिल थे।
20 जुलाई को हुआ था ‘संसद चलो’ मार्च
CJP ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर ‘संसद चलो’ मार्च निकाला था।
मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
इनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं।
वहीं करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
झड़प के बाद दिल्ली पुलिस ने कई मामले दर्ज किए और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया था।
पुलिस का कहना है कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान के बाद उनकी भूमिका की अलग से जांच की जा रही है।
PM के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट पर भी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अभद्र पोस्ट को लेकर भी कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी सामग्री हटाने के लिए नोटिस भेजे हैं।
पुलिस की यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब 20 जुलाई की हिंसा को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के दावों पर राजनीतिक बहस जारी है।
CJP की ओर से पुलिस कार्रवाई और दर्ज मामलों पर सवाल उठाए गए हैं।
वहीं पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।





