NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक में पहली बार TMC के बागी सांसद: PM मोदी, शाह और राजनाथ शामिल; आज पेपर लीक कानून पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। संसद भवन के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में मंगलवार को NDA संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक हुई।
इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए।
बैठक में पहली बार नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) को भी आमंत्रित किया गया।
TMC से अलग होकर NCPI में शामिल हुए सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष, शताब्दी रॉय, शर्मिला सरकार और मिताली बाग समेत अन्य सांसद बैठक में पहुंचे।
PM मोदी ने सांसदों से की चर्चा
बैठक में मानसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, प्रमुख विधेयकों, परीक्षा सुधार और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने NDA सांसदों को संबोधित किया।
इससे पहले हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक में उन्होंने छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता जताई थी और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया था।
आज पेपर लीक कानून संशोधन बिल पर चर्चा
संसद में मंगलवार को ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा होगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधेयक पर चर्चा के लिए करीब 6 घंटे का समय निर्धारित किया है।
जरूरत पड़ने पर चर्चा का समय बढ़ाया भी जा सकता है। चर्चा दोपहर 12 बजे शुरू होने की संभावना है।
विपक्ष के हंगामे के बीच सोमवार को इस विधेयक पर चर्चा के लिए सहमति बनी थी।
बिल के जरिए वर्ष 2024 में लागू सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े कानून में बदलाव प्रस्तावित हैं।
पेपर लीक पर सख्त सजा का प्रावधान
प्रस्तावित संशोधन में पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के मामलों में सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बना सकेंगे।
इन अदालतों में ऐसे मामलों की रोजाना सुनवाई का प्रावधान रखा गया है।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि विपक्ष चर्चा में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगा।
उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक मामलों में BJP नेताओं की भूमिका से जुड़े मुद्दे भी संसद में उठाए जाएंगे।
वहीं, NDA की ओर से कई युवा सांसद चर्चा में हिस्सा लेंगे।
मानसून सत्र में लगातार हंगामा
पेपर लीक के मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है।
विपक्ष परीक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य और जवाबदेही को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है।
वहीं सरकार का जोर परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के लिए कानूनी प्रावधान मजबूत करने पर है।





