बलौदाबाजार की सीमेंट कंपनियों में स्थानीयों को नौकरी नहीं देने का आरोप, कांग्रेस नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कलेक्टर को लिखा पत्र; स्थानीय श्रमिकों की बहाली और रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग
बलौदाबाजार। जिले की सीमेंट कंपनियों में स्थानीय युवाओं और श्रमिकों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिलने का मामला सामने आया है।
पूर्व छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष एवं बलौदाबाजार विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी शैलेश नितिन त्रिवेदी ने सीमेंट संयंत्रों पर स्थानीय लोगों की अनदेखी करने और लंबे समय से काम कर रहे श्रमिकों को कथित तौर पर हटाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने इस संबंध में बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
बाहरी लोगों को नौकरी देने का आरोप
त्रिवेदी ने कहा कि जिले में संचालित सीमेंट कंपनियों में प्रभावित गांवों और आसपास के क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है।
उनका आरोप है कि संयंत्रों में काम कर रहे कुछ स्थानीय कर्मचारियों को भी कथित रूप से झूठे और निराधार आरोप लगाकर नौकरी से हटाया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं और मजदूरों में नाराजगी बढ़ रही है।
निकाले गए श्रमिकों की बहाली की मांग
उन्होंने प्रशासन से नौकरी से हटाए गए स्थानीय श्रमिकों को तत्काल दोबारा काम पर रखने की मांग की है। साथ ही सीमेंट कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
त्रिवेदी ने कहा कि प्रशासन को ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
आंदोलन की दी चेतावनी
शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि मजदूरों के हित और सम्मान की आवाज को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय श्रमिकों को जल्द न्याय नहीं मिला और उन्हें वापस काम पर नहीं रखा गया, तो स्थानीय जनता और कांग्रेसजन सीमेंट संयंत्रों के मुख्य द्वार पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति बनने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित संयंत्र प्रबंधन की होगी।





