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‘दीदी के गोठ’ में गूंजी आत्मनिर्भर बस्तर की आवाज: वन मंत्री केदार कश्यप बोले- मातृशक्ति समाज में बदलाव की सशक्त वाहक

रायपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में गुरुवार को आयोजित ‘दीदी के गोठ’ के 12वें संस्करण में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंची हजारों महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वरोजगार के प्रति नया उत्साह पैदा किया।

वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की मातृशक्ति आज समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त वाहक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। बिहान योजना, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं।

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज का विकास महिलाओं के सशक्तिकरण पर निर्भर करता है। उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), लखपति दीदी योजना, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने कहा कि बस्तर की महिलाएं अब मुर्गीपालन, बकरीपालन, मत्स्यपालन, सब्जी उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं। कार्यक्रम में चपका की नीतू झा, सुलेंगा की सुगनी कश्यप और इरपा की हेमबती नाग सहित कई सफल लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया।

कोंडागांव की नम्रता पटेल ने बताया कि बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज और 5 लाख रुपए के ऋण से उन्होंने अपने ‘अमृत तुल्य’ चाय एवं नाश्ता कैफे का विस्तार किया, जिससे अब प्रतिदिन करीब 5 हजार रुपए की आय हो रही है।

कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

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