बिहान योजना से बदली तैलासो राजवाड़े की जिंदगी: पशु सखी बन हर महीने 10 से 15 हजार रुपए की कर रहीं कमाई

रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रहा है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड की तैलासो राजवाड़े इसकी मिसाल हैं।
महादेव स्वयं सहायता समूह से जुड़ी तैलासो पिछले दो वर्षों से पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं और हर महीने 10 से 15 हजार रुपए की आय अर्जित कर अपने परिवार का सहारा बनी हैं।
तैलासो बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार का नया अवसर मिला। वर्तमान में वे गांव के पशुपालकों को बकरियों की देखभाल, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दवाइयों की जानकारी देती हैं। इससे न केवल पशुपालकों को लाभ मिल रहा है, बल्कि उनकी खुद की आय भी नियमित हो गई है।
उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जो 12वीं, 10वीं और 8वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। पहले आर्थिक तंगी के कारण परिवार चलाना मुश्किल होता था, लेकिन अब अपनी कमाई से बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य खर्च आसानी से पूरे हो रहे हैं।
तैलासो ने कृषि विज्ञान केंद्र से पशुपालन और बकरियों के स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रशिक्षण भी लिया है। उनका कहना है कि यदि पशु सखियों को समय-समय पर उन्नत प्रशिक्षण और टीकाकरण संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में और बेहतर सेवाएं दे सकेंगी।
बिहान योजना की मदद से उन्होंने अपने खेत में बोरवेल भी खुदवाया है और धान की खेती शुरू की है। अब वे सब्जी उत्पादन कर आय बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
तैलासो राजवाड़े का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।





