IIM रायपुर में साय मंत्रिमंडल का चिंतन शिविर शुरू: गौर गोपाल दास से सीखे जीवन-मूल्य, AI और डिजिटल गवर्नेंस पर हुआ मंथन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का दो दिवसीय चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर शनिवार से आईआईएम रायपुर में शुरू हुआ।
पहले दिन मंत्रियों ने नेतृत्व, जीवन-मूल्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लिया। सभी मंत्रियों के ठहरने की व्यवस्था भी आईआईएम परिसर में ही की गई है, ताकि एकाग्र माहौल में संवाद और मंथन हो सके।
शिविर की शुरुआत मोटिवेशनल स्पीकर और आध्यात्मिक गुरु गौर गोपाल दास के सत्र से हुई। उन्होंने नेतृत्व, जीवन-मूल्य, संवेदनशीलता और सार्वजनिक जीवन में संतुलित निर्णय लेने की आवश्यकता पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल प्रशासनिक फैसलों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता का विश्वास बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इसके बाद तकनीक और भविष्य की शासन व्यवस्था पर विशेष सत्र आयोजित हुआ। अभय करंदीकर ने मंत्रिमंडल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और डिजिटल गवर्नेंस की बदलती भूमिका से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि तकनीक का प्रभावी उपयोग योजनाओं की पारदर्शी निगरानी, तेज निर्णय और बेहतर सेवा वितरण में अहम भूमिका निभा सकता है, खासकर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. रमेश चंद ने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने, स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहन और गांव-केंद्रित विकास मॉडल पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बदलते समय के साथ शासन को भी निरंतर सीखना और खुद को नई चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना होगा।
उन्होंने बताया कि बस्तर में सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के बाद अब सरकार का फोकस विकास, निवेश, पर्यटन, कृषि और दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने पर है। चिंतन शिविर इसी दिशा में सुशासन और परिणामोन्मुख प्रशासन को मजबूत करने का प्रयास है।





