ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में तंबाकू नियंत्रण पर सख्ती: कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी पर दिया गया जोर

रायपुर। तंबाकू के सेवन पर रोक लगाने और इसके दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में अब कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनभागीदारी और विभिन्न विभागों के समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत गुरुवार को स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर में एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003’ (कोटपा) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवाओं के अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने की।

कार्यशाला में मुंबई से पहुंचीं वाइटल स्ट्रैटजीज की मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रावली मदान ने तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने लोगों को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

वहीं, वाइटल स्ट्रैटजीज की डॉ. हंसा कंडू ने तंबाकू नियंत्रण कानून को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। उन्होंने विशेष रूप से नाबालिगों तक तंबाकू उत्पादों की पहुंच को सीमित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने पर जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान तंबाकू मुक्त समुदाय, तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान और तंबाकू मुक्त गांव की अवधारणा को लेकर भी चर्चा की गई। इसके अलावा, जिला स्तर पर प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) की प्रगति और उसके अद्यतन कार्यों की भी समीक्षा की गई।

अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने कहा कि केवल जागरूकता अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। तंबाकू नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में जिला नोडल अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, दंत चिकित्सक, खाद्य एवं औषधि विभाग के प्रतिनिधि और विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के सहयोगियों ने भाग लिया।

Related Articles

Back to top button