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बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: आयोग अध्यक्ष ने 6 नाबालिगों को कराया रेस्क्यू, वाहन जब्त करने के निर्देश

महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने महासमुंद जिले में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कराया।

जिले के प्रवास के दौरान उन्होंने तुमगांव थाना क्षेत्र में एक पिकअप वाहन में बैंड पार्टी के साथ श्रम के लिए ले जाए जा रहे बच्चों को देखकर तत्काल हस्तक्षेप किया और अधिकारियों को मौके पर बुलाकर कार्रवाई कराई।

जानकारी के अनुसार डॉ. शर्मा ने सड़क पर गुजर रहे एक पिकअप वाहन में नाबालिग बच्चों को काम के लिए ले जाते हुए देखा।

मामला गंभीर होने पर उन्होंने तत्काल फोन कर एसजेपीयू, जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) और जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ) की संयुक्त टीम को मौके पर तलब किया। अध्यक्ष स्वयं करीब आधे घंटे तक घटनास्थल पर मौजूद रहीं और पूरी कार्रवाई की निगरानी की।

संयुक्त टीम के पहुंचने के बाद सभी छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर तुमगांव थाना भेजा गया। बच्चों की काउंसलिंग और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मामले में बाल श्रम में उपयोग किए जा रहे पिकअप वाहन क्रमांक CG06GM4266 के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आयोग अध्यक्ष ने वाहन को जब्त कर नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल श्रम जैसी घटनाओं को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने चाइल्डलाइन और संबंधित विभागों को लगातार निरीक्षण, निगरानी और अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन न हो सके।

आयोग ने संकेत दिए हैं कि मामले में बाल अधिकार संरक्षण नियम 2005 की धारा 13 एवं सहपठित धारा 14 के तहत औपचारिक संज्ञान लिया जाएगा।

डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बाल श्रम के उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए आयोग पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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