हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ा, निचली बस्तियों में जलभराव का खतरा; 11 शेल्टर सेंटर तैयार

कोरबा। लगातार बारिश और बांगो बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे नदी किनारे और शहर की निचली बस्तियों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए नगर पालिक निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने सोमवार को सीतामणी, इमलीडुग्गू, कलमीडुग्गू समेत प्रभावित और संभावित जलभराव वाले इलाकों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने बस्तीवासियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जलभराव की स्थिति बनने पर बिना देरी किए बचाव और राहत कार्य शुरू किया जाए। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों और शेल्टर सेंटर तक पहुंचाने के साथ वहां भोजन, रहने और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि जलस्तर बढ़ने या घरों में पानी घुसने की स्थिति में जोखिम न लें और तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
राखड़युक्त पानी से भी बढ़ी परेशानी
कलमीडुग्गू में बस्तीवासियों ने आयुक्त को बताया कि सीएसईबी प्लांट से बहकर आने वाला राखड़युक्त पानी नाले में जमा हो रहा है। इससे नाले की जल निकासी प्रभावित हो रही है और बस्ती में पानी भरने की स्थिति बन रही है। आयुक्त ने तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएसईबी प्रबंधन को नाले में राखड़युक्त पानी नहीं छोड़ने की कड़ी हिदायत देने को कहा।
प्रधानमंत्री आवास में शिफ्ट होने की अपील
नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने खाली मकानों में शिफ्ट होने का विकल्प भी बताया। उन्होंने कहा कि कई आवास अभी रिक्त हैं और उनका आबंटन होना बाकी है। नियमानुसार न्यूनतम राशि जमा कर आवास लिया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर निगम बैंक ऋण दिलाने में भी सहयोग करेगा।
11 शेल्टर सेंटर तैयार
निगम ने प्रभावित परिवारों के लिए 11 शेल्टर सेंटर तैयार किए हैं। इनमें सीतामणी, मिशन रोड, रानी गेट, लालघाट, जोगियाडेरा, कबीर भवन, सुमेधा स्कूल, एसईसीएल स्कूल और प्रेमनगर समेत अन्य स्थान शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम को मुख्य शेल्टर सेंटर बनाया जाएगा। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।





