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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर साय-बैज आमने-सामने: CM बोले- नैतिकता के आधार पर दिया इस्तीफा, बैज ने कहा- मजबूरी में लिया फैसला

रायपुर। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस्तीफे को लेकर एक-दूसरे से अलग राय रखी है। मुख्यमंत्री साय ने इसे नैतिकता और जिम्मेदारी से जोड़ा, जबकि बैज ने आरोप लगाया कि प्रधान ने मजबूरी में पद छोड़ा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिद्धांतों और मूल्यों पर चलने वाली पार्टी है। देश भाजपा के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने लंबे समय तक निष्ठा और ईमानदारी के साथ देश की सेवा की है। उन्होंने नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दिया है।

साय ने कहा कि भाजपा में पद से ज्यादा महत्वपूर्ण संगठन और देशहित है। किसी भी परिस्थिति में पार्टी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं करती। उन्होंने प्रधान के कार्यकाल और उनके योगदान का भी उल्लेख किया।

बैज बोले- नैतिकता नहीं, मजबूरी में दिया इस्तीफा

इधर, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा नैतिकता के आधार पर नहीं, बल्कि मजबूरी में लिया गया फैसला है।

बैज ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने हक और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन किया, लेकिन उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं, छात्रों और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई कांग्रेस आगे भी जारी रखेगी। बैज ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में यह संघर्ष आगे बढ़ाया जाएगा।

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