PMEGP से तुलेन्द्री ने शुरू की मिनी राइस मिल: 4 लोगों को रोजगार, हर साल 2.40 लाख रुपए का मुनाफा

नारायणपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति और सरकारी योजना का सही लाभ मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। नारायणपुर जिले के ग्राम गुरिया की तुलेन्द्री ठाकुर ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के जरिए मिनी राइस मिल शुरू कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उनकी इकाई से खुद को रोजगार मिला ही, साथ ही चार स्थानीय लोगों को भी प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
तुलेन्द्री पहले अपने पति गजेन्द्र ठाकुर के साथ कृषि कार्यों में हाथ बंटाती थीं। सीमित आय में परिवार चलाने के साथ दो बच्चों की उच्च शिक्षा और अन्य जिम्मेदारियां पूरी करना चुनौतीपूर्ण था। इसके बाद उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया।
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मार्गदर्शन में तुलेन्द्री ने PMEGP के तहत आवेदन किया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की नारायणपुर शाखा ने 5 लाख रुपए की परियोजना को मंजूरी दी। इसमें 50 हजार रुपए तुलेन्द्री का अंशदान और 4.50 लाख रुपए बैंक ऋण शामिल था। योजना के तहत उन्हें 35% मार्जिन मनी अनुदान का लाभ भी मिला।
सोलर पॉलिशर और आधुनिक आटा चक्की लगाई
ऋण मिलने के बाद तुलेन्द्री ने गांव में ‘मेसर्स ठाकुर मिनी राइस मिल’ शुरू की। मिल में सोलर पॉलिशर और आधुनिक आटा चक्की लगाई गई है। आसपास के कई गांवों के किसान यहां धान कुटाई, चावल पॉलिशिंग और गेहूं पिसाई की सुविधा ले रहे हैं।
मिल के संचालन से चार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। धान प्रसंस्करण से निकलने वाले कोंडा को तेल उद्योग और भूसे को ईंट निर्माण के लिए बेच दिया जाता है। इससे अतिरिक्त आय भी होती है। वर्तमान में तुलेन्द्री को मिल से करीब 2.40 लाख रुपए सालाना शुद्ध लाभ हो रहा है। वे बैंक ऋण की बड़ी राशि का भुगतान भी कर चुकी हैं।
शुरुआत में मशीन संचालन का अनुभव नहीं था, लेकिन सीखने की इच्छाशक्ति से उन्होंने काम में दक्षता हासिल की। तुलेन्द्री का कहना है कि इच्छाशक्ति मजबूत हो और सरकारी योजनाओं का सही मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।



