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ड्रिप सिंचाई से बदली किसान की तस्वीर: कम पानी में बढ़ा सब्जियों का उत्पादन, 55% अनुदान से मिली नई राह

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की सूक्ष्म सिंचाई योजना किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर अनुदान देकर कम पानी में अधिक उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड के ग्राम झेराडीह निवासी प्रगतिशील किसान आनंद राम पैकरा ने इस योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को नई तकनीक से जोड़ा है।

उनके पास कुल 0.909 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 0.509 हेक्टेयर में धान और 0.400 हेक्टेयर में टमाटर एवं गोभी की खेती की जाती है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने करीब डेढ़ एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की, जिसके लिए उन्हें शासन से 55 प्रतिशत अनुदान मिला।

आनंद राम पैकरा बताते हैं कि पहले पारंपरिक सिंचाई में अधिक पानी, समय और श्रम की आवश्यकता होती थी। खेत में समान रूप से सिंचाई करना भी चुनौतीपूर्ण था।

लेकिन ड्रिप सिंचाई अपनाने के बाद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंच रहा है, जिससे पानी की बचत के साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उन्होंने बताया कि ड्रिप प्रणाली के माध्यम से उर्वरकों का उपयोग भी अधिक प्रभावी तरीके से हो रहा है। पौधों को जरूरत के अनुसार पोषक तत्व मिलने से टमाटर और गोभी की फसल अधिक स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण तैयार हो रही है।

इससे खेती की लागत घटी है और सब्जी उत्पादन पहले की तुलना में अधिक लाभदायक बन गया है।राज्य सरकार का उद्देश्य सूक्ष्म सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाना है।

सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक और तकनीक आधारित कृषि अपना रहे हैं, जिससे खेती अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनती जा रही है।

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