संसद में आज FCRA संशोधन बिल पर चर्चा संभव, विदेशी चंदे के नियमों में बदलाव पर हो सकती है बहस

दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को विदेशी चंदे से जुड़े फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन विधेयक (FCRA Amendment Bill) पर चर्चा होने की संभावना है।
यह विधेयक इसी साल बजट सत्र के दौरान पेश किया गया था, लेकिन उस समय इस पर चर्चा नहीं हो सकी थी। अब इसे मानसून सत्र के दौरान सदन में विचार के लिए लाया जा सकता है।
FCRA कानून यह तय करता है कि भारत में कौन-कौन से गैर-सरकारी संगठन (NGO), ट्रस्ट, धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं विदेश से आर्थिक सहायता या दान प्राप्त कर सकती हैं और उस धन का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
इस कानून का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी फंड का इस्तेमाल देश की सुरक्षा, संप्रभुता और सार्वजनिक हित के खिलाफ न हो।
सूत्रों के अनुसार, जब संशोधन विधेयक पर चर्चा होगी, तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में इसका जवाब दे सकते हैं। विपक्ष लगातार गृह मंत्री की सदन में गैरमौजूदगी का मुद्दा उठाता रहा है और कई अहम विषयों पर उनसे जवाब की मांग कर रहा है।
20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में अब तक लगातार हंगामे के कारण लोकसभा का प्रश्नकाल सुचारु रूप से नहीं चल पाया है। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा है। इसके चलते कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
हंगामे के बीच अब तक पांच विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के पारित हो चुके हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण बिल शामिल हैं।
ऐसे में आज होने वाली FCRA संशोधन बिल पर चर्चा को मानसून सत्र की महत्वपूर्ण कार्यवाही माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा संबंध विदेशी फंडिंग की निगरानी और पारदर्शिता से जुड़ा है।



