पहली फिल्म हुई फ्लॉप, महीनों नहीं मिला काम; सलमान से खास रिश्ता भी नहीं आया काम, फिर बनीं बॉलीवुड की टॉप स्टार कियारा आडवाणी

मुंबई। कियारा आडवाणी आज बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में शुमार हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे लंबा संघर्ष छिपा है। बड़े बैनर की फिल्मों और करोड़ों प्रशंसकों के बावजूद उनके लिए फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान नहीं था। पहली फिल्म फ्लॉप होने के बाद उन्हें महीनों तक काम नहीं मिला और कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।
31 जुलाई 1992 को मुंबई में जन्मीं कियारा का असली नाम आलिया आडवाणी है। उनके पिता जगदीप आडवाणी बिजनेसमैन हैं, जबकि मां जेनेवीव जाफरी टीचर रह चुकी हैं। बचपन से ही कियारा का सपना अभिनेत्री बनने का था। फिल्मों में आने से पहले वह अपनी मां के प्री-स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थीं। बाद में सलमान खान की सलाह पर उन्होंने अपना नाम आलिया से बदलकर कियारा रख लिया, क्योंकि उस समय आलिया भट्ट पहले से इंडस्ट्री में स्थापित हो चुकी थीं।
साल 2014 में कियारा ने फिल्म ‘फगली’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। इसके बाद उनके पास लंबे समय तक कोई फिल्म नहीं आई। उन्होंने कई इंटरव्यू में बताया कि वह रोज अपने मैनेजर से काम मिलने की उम्मीद करती थीं, लेकिन अक्सर जवाब ‘नहीं’ होता था। इस दौरान उन्हें खुद पर भी संदेह होने लगा था।
करीब दो साल बाद उन्हें ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ के लिए ऑडिशन देने का मौका मिला। कई राउंड के स्क्रीन टेस्ट के बाद उन्हें साक्षी धोनी का किरदार मिला। फिल्म सुपरहिट साबित हुई, लेकिन इसके बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ। उन्हें लगातार ऑडिशन देने पड़े और कई फिल्मों में अंतिम दौर तक पहुंचने के बावजूद रोल नहीं मिला।
आखिरकार ‘कबीर सिंह’, ‘शेरशाह’, ‘भूल भुलैया 2’, ‘सत्यप्रेम की कथा’ जैसी फिल्मों ने कियारा को बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों की कतार में खड़ा कर दिया। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि सफलता सिर्फ पहचान से नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, धैर्य और खुद पर भरोसा रखने से मिलती है।



