कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर: गांवों में रात्रि प्रवास कर रहे जिला अध्यक्ष, जमीनी हकीकत जानने की पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से जुड़ाव बढ़ाने के लिए नया प्रयोग किया जा रहा है। अभनपुर में चल रहे जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण शिविर के दौरान कांग्रेस के नव-नियुक्त जिला अध्यक्षों को सीधे गांवों में भेजा गया है, जहां वे ग्रामीणों के बीच रात्रि प्रवास कर स्थानीय समस्याओं और जनजीवन को करीब से समझ रहे हैं।
पार्टी की योजना के तहत 20 जिला अध्यक्षों को पांच-पांच सदस्यीय टीमों में विभाजित कर अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के चार गांवों—नवागांव (ल), कोलियरी, घोंट-सोंठ और थानौद में भेजा गया है। मंगलवार शाम को जिला अध्यक्षों ने ग्रामीण परिवारों के घरों में रुककर रात्रि विश्राम किया। बुधवार सुबह से वे गांव के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, अपेक्षाएं और स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक जुटाने में लगे रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और सामुदायिक बैठकों में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान किसानों, युवाओं, महिलाओं और मजदूरों से बातचीत कर क्षेत्र की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया गया। पार्टी का मानना है कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए नेताओं का जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना जरूरी है।
इसी तरह कुरूद विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भी 21 जिला अध्यक्षों का रात्रि प्रवास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को आगे भी जारी रख सकती है।
गौरतलब है कि अभनपुर में 20 जून से कांग्रेस का जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। शिविर में राष्ट्रीय सचिव सचिन राव, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता प्रशिक्षण दे रहे हैं। शिविर के दौरान राहुल गांधी ने भी जिला अध्यक्षों को संबोधित कर संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया।





