विश्व स्तनपान सप्ताह: रायपुर में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम, पहली बार बनेगा मदर मिल्क बैंक, 10 माताएं होंगी सम्मानित

रायपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के तहत छत्तीसगढ़ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए 6 अगस्त को रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एसएचएसआरसी) के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और स्वास्थ्य सेवाओं के आयुक्त-सह-संचालक संजीव झा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
आयोजन का उद्देश्य मातृ दुग्ध के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नवजात शिशुओं के बेहतर पोषण को प्रोत्साहित करना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। इसमें डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, मितानिनों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी रहेगी।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘माता यशोदा सम्मान’ होगा। इसके तहत राज्य की 10 ऐसी माताओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपने मातृ दुग्ध का दान कर या अन्य नवजातों को स्तनपान कराकर मानवता और मातृत्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
ये वे शिशु हैं, जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का पर्याप्त दूध नहीं मिल सका या जिनकी मां का निधन हो चुका है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के पहले मदर मिल्क बैंक की स्थापना की घोषणा भी की जाएगी। यह बैंक उन नवजातों के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मातृ दुग्ध उपलब्ध कराने में मदद करेगा, जिन्हें अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मां का दूध शिशु के लिए सबसे सुरक्षित और संपूर्ण आहार है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। विभाग ने मीडिया और आमजन से इस अभियान से जुड़कर स्तनपान के महत्व का संदेश घर-घर पहुंचाने की अपील की है।





