कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया-शिवकुमार की बैठक: हल निकलने की संभावना

दिल्ली। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच आज सुबह CM सिद्धारमैया और डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने एक साथ ब्रेकफास्ट किया। यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके बाद मुख्यमंत्री कुर्सी के विवाद का हल निकल सकता है। दोनों नेताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी हाईकमान का कोई भी निर्णय उनके लिए अंतिम होगा और वे उसका पालन करेंगे।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर तनाव 2.5 साल के रोटेशन फॉर्मूले के कारण बढ़ा। 2023 में जब कांग्रेस सरकार बनी थी, तब सिद्धारमैया और शिवकुमार के समर्थकों में यह तय हुआ था कि 2.5 साल के बाद पद का रोटेशन होगा। हालांकि, सिद्धारमैया समर्थक इसे मान्यता नहीं देते। 20 नवंबर को कांग्रेस सरकार का 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ। शिवकुमार समर्थक विधायकों ने दिल्ली जाकर पार्टी हाईकमान से मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं, जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पहले नेतृत्व परिवर्तन पर निर्णय लिया जाए। पार्टी के अंदरूनी हलकों में माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार से सिद्धारमैया का कार्यकाल 5 साल तक कायम रह सकता है, जिससे शिवकुमार की मुख्यमंत्री बनने की संभावना कम हो सकती है।
पिछले कुछ दिनों में कई घटनाक्रम हुए। 16 नवंबर को सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से दिल्ली में मुलाकात की। 25 नवंबर को बीजेपी ने शिवकुमार का AI वीडियो जारी किया, जिसमें मुख्यमंत्री पद को लेकर मजाकिया अंदाज दिखाया गया। वहीं, शिवकुमार ने बार-बार कहा कि वे किसी गुटबाजी में नहीं हैं और पार्टी के निर्णय का पालन करेंगे।
दोनों नेताओं की यह मुलाकात पार्टी हाईकमान को भी सही दिशा में निर्णय लेने में मदद करेगी। सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच हुई बातचीत के बाद ही कांग्रेस का अंतिम फैसला सामने आएगा और मुख्यमंत्री पद के विवाद का समाधान निकलने की संभावना है।





