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“आत्मनिर्भर युवा–आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” को मिली रफ्तार: बिलासपुर में जिला समन्वय केंद्र शुरू

बिलासपुर। जिले में युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “आत्मनिर्भर युवा–आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ अभियान” को नई गति मिली है। बुधवार को सेंदरी (कोनी) स्थित CMTC सेंटर में जिला समन्वय केंद्र (DCC) का शुभारंभ किया गया। इस पहल को जिला प्रशासन ने महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया है।

कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे, जबकि पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। चयनित महिला उद्यमियों ने अतिथियों का स्वागत किया और फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर
इस अभियान के तहत युवाओं और विशेष रूप से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है। रोजगार, कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन को एकीकृत करते हुए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। इसी क्रम में निजी संस्था के सहयोग से iYouth Store मॉडल शुरू किया गया है, जिसके तहत ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का मौका मिलेगा।

इस मॉडल में मोबाइल एक्सेसरीज, कपड़े, कॉस्मेटिक्स और दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। महिला उद्यमियों को बैंक के जरिए ऋण सुविधा दी जा रही है, जबकि प्रशिक्षण, सप्लाई और संचालन में तकनीकी सहयोग भी दिया जाएगा। प्रशासन पूरी प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय करेगा।

55 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट
पहले चरण में जिले की 55 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन पंचायतों से 55 महिला उद्यमियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बैंक में भेजकर ऋण स्वीकृति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई है, जिसे सफल होने पर पूरे राज्य में विस्तार दिया जाएगा।

DCC बनेगा संचालन का केंद्र
जिला समन्वय केंद्र इस पूरी योजना का मुख्य संचालन केंद्र होगा। यहां से बैंक, प्रशासन और महिला उद्यमियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और समस्याओं के समाधान की सुविधा भी एक ही स्थान पर मिलेगी।

अधिकारियों ने बताया बदलाव का माध्यम
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि रोजगार मिलने से युवाओं को गलत गतिविधियों से दूर रखने में मदद मिलेगी।

इस पहल को जिले में आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए एक मजबूत मॉडल माना जा रहा है, जो आगे चलकर पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा सकता है।

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