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“जय बिहान” से आत्मनिर्भरता तक: बलरामपुर में महिलाओं की बदलती तस्वीर के साक्षी बने मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचकर महिलाओं और युवाओं से संवाद किया। प्रशिक्षण कक्ष में पहुंचते ही उन्होंने “जय बिहान” कहकर सभी का अभिवादन किया, जिससे माहौल उत्साह से भर गया। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए ‘पशु सखी’ और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभव जाने।

ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में गांव में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और जागरूकता का काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के जरिए ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि RSETI के माध्यम से अब तक 16 बैचों में 510 लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। यहां महिलाओं ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया और अपने अनुभव साझा किए। कोमल स्व-सहायता समूह की पूर्णिमा बासिन ने बताया कि बैंक लिंकेज और CIF के जरिए मिले ऋण से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक साल में 3 लाख रुपए की बिक्री की।

मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए 5 स्व-सहायता समूहों को 21 लाख रुपए के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच खुशबू सिंह और सचिव सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने पर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलने पर वे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने में अहम योगदान देगी।

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