छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर जारी: 9 करोड़ का पुल ढहा, नदियां उफान पर; कई इलाकों का टूटा संपर्क

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का असर अभी भी बना हुआ है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई से प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी। पिछले 24 घंटे में विदर्भ और मध्यप्रदेश में बने डीप डिप्रेशन के प्रभाव से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई।

लगातार बारिश के चलते प्रदेश में कई जगहों पर हालात बिगड़ गए हैं। गरियाबंद में उदंती नदी पर करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा निर्माणाधीन पुल तेज बहाव में ढह गया। बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण ओडिशा सरकार करा रही थी। वहीं राजधानी रायपुर में खारून नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
बस्तर संभाग में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। नेशनल हाईवे-130 पर एक पुलिया क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए आवाजाही रोक दी गई है। वहीं कांकेर में करीब 15.5 करोड़ रुपए की लागत से बनी नहर पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई।

बारिश से जुड़े हादसों में कई लोगों की जान भी गई है। सूरजपुर जिले के चपदा गांव में ढेकी नदी में बहे 10 वर्षीय बच्चे का शव दो दिन बाद बरामद किया गया। DDRF और पुलिस की टीम ने करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर से शव निकाला।
आरंग क्षेत्र के निसदा गांव में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया। यहां फंसे एक परिवार के 6 सदस्यों को SDRF की टीम ने मोटरबोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।
कोंडागांव के कोपाबेड़ा जलाशय में निर्माणाधीन नाले में गिरने से 6 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बारिश का पानी भरने से नाला गहरा हो गया था।

गरियाबंद के सुहागपुर गौठान में भी बाढ़ का पानी भर गया, जहां एक परिवार के सदस्य और तीन मासूम बच्चे कई घंटे तक फंसे रहे। नगर सेना की टीम ने रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लाट नाले में बहे उप सरपंच और उनकी पत्नी का शव चार दिन बाद मिला। दोनों 26 जुलाई को कार से उफनते नाले को पार करने के दौरान बह गए थे।
मौसम विभाग के अनुसार आज रायपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।



