स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मेडिकल इंटर्न्स का प्रदर्शन, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

रायगढ़। लखीराम अग्रवाल मेडिकल कॉलेज रायगढ़ सहित प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने समान स्टाइपेंड की मांग को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन किया। इंटर्न डॉक्टरों ने ओपीडी ड्यूटी के बाद काली पट्टी बांधकर सरकार के सामने अपनी मांग रखी और स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें वर्ष 2023 से अब तक केवल 15,900 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। 24 घंटे की सेवा और लगातार ड्यूटी के बावजूद यह राशि मौजूदा महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है। इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि देश के कई राज्यों में उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड छत्तीसगढ़ की तुलना में काफी अधिक है।
डॉक्टरों के अनुसार, ओडिशा में करीब 44 हजार रुपए, पश्चिम बंगाल में 43 हजार रुपए और झारखंड में 25 हजार रुपए तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के इंटर्न डॉक्टरों को भी समान और सम्मानजनक स्टाइपेंड मिलना चाहिए।
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के इंटर्न्स ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और रायगढ़ विधायक से मांग की है कि इंटर्न डॉक्टरों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपए किया जाए।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो वे मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं। उनका कहना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।



