PM मोदी से मिले CM साय: बस्तर विकास का रोडमैप सौंपा, यूरिया प्लांट, बिजली और आयुर्वेद संस्थान के लिए मांगा सहयोग

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने बस्तर के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए केंद्र सरकार से प्रमुख परियोजनाओं में सहयोग का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपए की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने की मांग की। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए भूमि और राज्य सरकार की सभी आवश्यक स्वीकृतियां पूरी हो चुकी हैं।
इसके अलावा सुरक्षा कारणों से अब तक ग्रिड बिजली से वंचित 461 गांवों को स्थायी बिजली नेटवर्क से जोड़ने के लिए विशेष केंद्रीय सहायता और रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का भी अनुरोध किया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को ‘बस्तर विजन’ की जानकारी देते हुए बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ के जरिए 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे करीब 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं और ओरछा व जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच हो चुकी है। वहीं जगदलपुर-रावघाट रेललाइन, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे, इंद्रावती बैराज और बस्तर में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं की भी जानकारी दी।
साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई औद्योगिक नीति के बाद राज्य को करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य अत्याधुनिक उद्योग स्थापित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित लखपति दीदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण भी दिया।





