साय कैबिनेट के दो बड़े फैसले: किसानों के लिए उर्वरक समिति बनी, अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण

रायपुर। छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने किसानों और अग्निवीरों से जुड़े दो महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है।
एक ओर खरीफ और रबी सीजन में उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति का गठन किया गया है, वहीं दूसरी ओर चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को राज्य की तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
उर्वरक उपलब्धता पर नजर रखेगी मंत्री-मंडलीय उप समिति
मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों को खरीफ और रबी दोनों मौसम में उर्वरकों की समयबद्ध और सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी गई।
यह समिति उर्वरक आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव, अनुशंसा और मार्गदर्शन देगी। समिति के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री होंगे, जबकि कृषि, सहकारिता और वित्त मंत्री इसके सदस्य बनाए गए हैं।
कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर समिति विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी बैठक में आमंत्रित कर सकेगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।
अग्निवीरों को तृतीय श्रेणी की नौकरियों में 10% आरक्षण
कैबिनेट ने अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार के लिए भी बड़ा निर्णय लिया।
राज्य के पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026’ लागू किया जाएगा। यह लाभ चार वर्ष की सेवा पूरी कर वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को मिलेगा।
यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। इससे राज्य के पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में बेहतर अवसर मिलने का रास्ता खुलेगा।





