अवैध शराब से भरे ट्रक ने TI को कुचला, अस्पताल में नहीं बची जान

डिवाइडर पर चढ़ाकर भागा ड्राइवर, 208 पेटी शराब होने की आशंका; जांच के लिए SIT गठित
देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी रोकने पहुंचे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलने के बाद मौत हो गई। रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे वे पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर तस्करी के वाहन को पकड़ने पहुंचे थे।
इसी दौरान ड्राइवर ने ट्रक डिवाइडर पर चढ़ाकर भागने की कोशिश की। ट्रक का पिछला पहिया पुरी के ऊपर से गुजर गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां करीब दो घंटे तक CPR और इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पुलिस को ट्रक डिवाइडर के किनारे खड़ा मिला था। नेमावर पुलिस भी उसका पीछा कर रही थी। टीआई पुरी ने ड्राइवर को बाहर आने के लिए कहा, लेकिन वह वाहन लेकर आगे बढ़ने लगा। इसके बाद ट्रक संदलपुर में छोड़कर ड्राइवर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और उसकी तलाश की जा रही है।
ट्रक में अलग कंपार्टमेंट बनाकर रखी थी शराब
आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत के मुताबिक, ट्रक के बेस से करीब दो फीट ऊंचे कंपार्टमेंट में शराब भरी हुई थी। इसकी मात्रा और तस्करी के स्रोत का पता गिनती के बाद चलेगा। घटना की जांच के लिए देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने एसआईटी गठित की है। शराब ठेकेदार राहुल जायसवाल के कुछ कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। टिमरनी की शराब दुकान भी सील कर दी गई है।
पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
दिलीप पुरी धार जिले के सरदारपुर तहसील के ग्राम बरमण्डल के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी कविता और एक बेटा-बेटी हैं। पिता ओमप्रकाश पुरी किसान होने के साथ कांग्रेस नेता हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारी और परिजन शव लेकर पैतृक गांव रवाना हुए।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने घटना को लेकर सरकार पर हमला बोला। सिंघार ने आरोप लगाया कि माफिया के मन से शासन-प्रशासन का डर खत्म हो गया है। यादव ने कहा कि जब कानून के रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल ने शराब कारोबार से अपना संबंध होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि संबंधित दुकान उनके रिश्तेदार पाटन जायसवाल की है और इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।





