परिवहन विभाग सख्त: RTO-DTO मुख्यालय में रहेंगे, बकाया कर वसूली और बस संचालन पर चलेगा अभियान

रायपुर। परिवहन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश ने विभागीय अधिकारियों और बस संचालकों को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) और जिला परिवहन अधिकारी (DTO) अब अपने पदस्थापना मुख्यालय में रहकर ही कार्य करेंगे। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में जिलावार बकाया राजस्व की समीक्षा करते हुए परिवहन आयुक्त ने बकाया वाहन कर की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। जांच चौकियों और फ्लाइंग स्क्वॉड को बकायादार वाहनों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वसूली अभियान को प्रभावी बनाया जा सके।
बस संचालन व्यवस्था को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बस स्टैंडों पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग होगी और समय-सारिणी का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। परमिट लेने के बावजूद बसों का संचालन नहीं करने वाले ऑपरेटरों के परमिट निरस्त किए जाएंगे, जिससे नए आवेदकों को अवसर मिल सके। लंबे समय से खड़ी निजी बसों की भी जांच कराई जाएगी।
बैठक में दुर्ग के ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर द्वारा कथित रूप से अवैध फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के मामले पर भी चर्चा हुई। सचिव ने सेंटर संचालकों, संबंधित वाहन मालिकों और वेंडरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। लग्जरी बसों में ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामान या ओवरलोडिंग पाए जाने पर वाहन जब्त कर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित सहायता देने के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने पर भी जोर दिया गया। वहीं नए वाहनों के पंजीयन और यूज्ड कारों के नामांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया गया। ANPR आधारित ई-चालानों के भुगतान और शिकायत निवारण के लिए परिवहन कार्यालयों में अलग काउंटर स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।





