सरगुजा में आकाशीय बिजली से 2 बच्चों समेत 3 की मौत: बिलासपुर में पेड़ गिरने से बिजली गुल, प्रदेश में अब तक 66% कम बारिश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार अब भी सुस्त बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश और 1 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान जताया है। इस बीच सरगुजा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई।
हादसा सरगुजा के डुमकी गांव में हुआ। आम बीनने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े सागर (5), रानी (9) और राम साय (36) पर बिजली गिर गई, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 12 वर्षीय श्रद्धा गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है।
उधर, बिलासपुर में सोमवार शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ कार पर गिर गया। कार क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि उसमें सवार लोग सुरक्षित बच गए। पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए, जिससे कलेक्टर, कमिश्नर और विधायक के वीआईपी क्षेत्र समेत शहर के कई हिस्सों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई स्थानों पर 11 केवी लाइन और ट्रांसफार्मर में भी खराबी आई।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य 178.4 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 60.02 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। यानी छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 66 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे गंभीर स्थिति राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में है, जहां सामान्य से 80 से 95 प्रतिशत तक कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
हालांकि मानसून रायपुर, दुर्ग, बस्तर, धमतरी समेत 18 से अधिक जिलों में पहुंच चुका है, लेकिन सरगुजा, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में इसकी आधिकारिक एंट्री अभी बाकी है। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।





