नकटी गांव तोड़फोड़: पूर्व MLA बोले, खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे परिवार;सरकार से तत्काल पुनर्वास की मांग

रायपुर। राजधानी के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सोमवार देर रात प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि रात करीब 11:30 बजे गांव पहुंचने पर कई परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर मिले। उनके अनुसार, कई लोगों के घर मलबे में तब्दील हो चुके थे और महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग टूटे हुए मकानों के पास ही बैठे नजर आए।
विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि कार्रवाई के दौरान आधी रात में पहले इलाके की बिजली काटी गई, फिर बुलडोजर चलाकर मकानों को तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर मानवीय संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व विधायक के मुताबिक, कई विस्थापित परिवारों ने शिकायत की कि 12 से 14 सदस्यों वाले परिवार को केवल एक कमरे का आवास दिया गया है। वहां बिजली, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पुनर्वास का दावा कर रही है तो लोगों को सम्मानजनक आवास और सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने इस मुद्दे पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्थानीय भाजपा विधायकों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोग खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं, तब जनप्रतिनिधियों को उनके बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए।
विकास उपाध्याय ने राज्य सरकार और प्रशासन से सभी प्रभावित परिवारों के तत्काल और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय समेत सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात की थी। तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि बारिश के मौसम में तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होगी और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।





