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छत्तीसगढ़ के 45 आईटीआई की बदलेगी तस्वीर: पीएम-सेतु योजना से AI, रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी सीखेंगे छात्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अब आधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षण की नई शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन (पीएम-सेतु) योजना के तहत प्रदेश के 45 आईटीआई का चयन किया गया है। इन संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर वैश्विक स्तर के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और अन्य भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण देना है। इससे आईटीआई के छात्रों को उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। देशभर में चयनित 1000 आईटीआई में छत्तीसगढ़ के 45 संस्थानों को शामिल किया गया है।

योजना के तहत आईटीआई के अपग्रेडेशन पर होने वाले खर्च का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगी। कुल खर्च का करीब 83 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी, जिसमें 50 प्रतिशत केंद्र और 33 प्रतिशत राज्य सरकार की भागीदारी होगी। शेष 17 प्रतिशत राशि उद्योगों की भागीदारी से पूरी की जाएगी।

नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदेश के प्रमुख उद्योगों जैसे स्टील, सीमेंट, माइनिंग, पावर प्लांट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे। उद्योगों की भागीदारी से छात्रों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के अवसर भी मिलेंगे।

वर्तमान में कई आईटीआई संस्थानों में पुरानी मशीनें और संसाधनों की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। माना और धरसींवा जैसे संस्थानों में छात्र पुराने उपकरणों पर प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं। पीएम-सेतु योजना के तहत इन कमियों को दूर कर अत्याधुनिक लैब और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

राज्य के 203 आईटीआई को छह क्लस्टर में बांटकर एक मॉडल हब आईटीआई विकसित किया जाएगा, जिससे आसपास के संस्थान भी जुड़े रहेंगे। वहीं रोजगार की कम होती संभावनाओं वाले 10 पुराने ट्रेड बंद कर 15 नए रोजगारपरक ट्रेड शुरू किए गए हैं।

तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि पीएम-सेतु योजना से आईटीआई की कमियां दूर होंगी और छत्तीसगढ़ के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार होंगे। वर्तमान में प्रदेश के 203 आईटीआई में 32,072 सीटें स्वीकृत हैं, जिनमें 23,970 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

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