ग्रामीण महिलाओं के छोटे कारोबार को मिलेगा बड़ा बाजार, ‘अथ उद्यम’ से बनेगी नई पहचान

31 अक्टूबर तक कर सकेंगी आवेदन, चयनित 250 महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण; आईआईएम रायपुर एक साल तक देगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के छोटे कारोबार को सफल उद्यम बनाने के लिए राज्य सरकार ने ‘अथ उद्यम’ कार्यक्रम शुरू किया है।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और आईआईएम रायपुर के फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट की इस संयुक्त पहल के तहत महिलाओं को व्यवसाय बढ़ाने, उत्पादों की ब्रांडिंग करने और बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के लिए अब तक प्रदेशभर से एक हजार से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। इच्छुक महिलाएं 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल की शुरुआत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 सितंबर 2026 को की थी। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।
64 घंटे की ट्रेनिंग, एक साल तक मार्गदर्शन
कार्यक्रम के तहत चयनित 250 महिला उद्यमियों को 64 घंटे का चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद एक साल तक विशेषज्ञों का परामर्श, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग मिलेगा।
महिलाओं को उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, लागत और मुनाफे की गणना, बिक्री का रिकॉर्ड रखने, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। साथ ही बाजार, ऋण और वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी।
इन कारोबार से जुड़ी महिलाओं को फायदा
खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, वस्त्र निर्माण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वनोपज से उत्पाद तैयार करने और अन्य गैर-कृषि व्यवसायों से जुड़ी महिलाएं इसका लाभ उठा सकेंगी। हालांकि, केवल सामान की खरीद-बिक्री करने वाले व्यवसाय पात्र नहीं होंगे।
यहां करें आवेदन
कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए 252 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है। इच्छुक महिलाएं atha.iimraipur.edu.in पर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा ग्राम संगठन, क्षेत्रीय सीआरपी दीदी और विकासखंड स्तरीय बिहान कार्यालय से भी सहायता ले सकती हैं।
इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को अपने कारोबार का विस्तार करने, नए ग्राहकों तक पहुंचने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलने की उम्मीद है।





