रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका 1000 करोड़ की धोखाधड़ी केस में गिरफ्तार, 10 दिन की पुलिस रिमांड

भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनी पर फर्जी दस्तावेजों से कब्जे की कोशिश का आरोप, कोलकाता पुलिस कर रही पूछताछ
रायपुर। रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को करीब 1000 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोलकाता ले जाया गया, जहां अदालत में पेश करने के बाद उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। मामला मध्यप्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों से जुड़ा है।
आरोप है कि महेंद्र गोयनका ने अपनी पत्नी और सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों के जरिए यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन में बदलाव कराया।
शिकायत के मुताबिक, कंपनी के दो निदेशकों को हटाकर चार अन्य लोगों को डायरेक्टर नियुक्त कराया गया और कंपनी के नियंत्रण पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई। इसके अलावा कंपनी के वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी और माल बेचकर गबन करने के भी आरोप हैं।
इन आरोपों के आधार पर वर्ष 2024 में कोलकाता में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120-बी, 467, 468, 471 समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से महेंद्र गोयनका को गिरफ्तार किया।
मामले से जुड़े दो अन्य प्रकरण मध्यप्रदेश के कटनी जिले के कोतवाली और माधवनगर थानों में भी दर्ज हैं। इनमें रायपुर के हिमांशु श्रीवास्तव, सन्मति जैन और सुनील अग्रवाल समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं निचली अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक से खारिज हो चुकी हैं।
इस बीच, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने भी मई 2025 के एक आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर गंभीर टिप्पणियां की थीं।
फिलहाल कोलकाता पुलिस रिमांड के दौरान पूरे कथित वित्तीय नेटवर्क, दस्तावेजों और लेनदेन की गहन जांच कर रही है।





