ऑपरेशन क्लीन हंट: फर्जी अंकसूची से डाकपाल की नौकरी दिलाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी अंकसूची उपलब्ध कराकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने फरार आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया। पूछताछ के बाद उसे धोखाधड़ी और कूटरचना के मामले में न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले ही एक महिला और एक अन्य पुरुष आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वह कोरबा में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस की टीम कोरबा रवाना हुई और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विनोद कुमार राठौर (47 वर्ष) निवासी एलआईजी-150, शिवाजी नगर, डंडिया मैदान के पास, थाना सिविल लाइन, जिला कोरबा के रूप में हुई है। रायगढ़ लाकर की गई पूछताछ में उसने फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराकर लोगों को डाकपाल सहित अन्य सरकारी नौकरियां दिलाने का झांसा देने और इस बहाने ठगी करने की बात स्वीकार की।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करता था और इसके एवज में मोटी रकम वसूलता था। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और ठगी की कुल राशि का भी पता लगाया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत आर्थिक अपराधों और संगठित ठगी के मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है तथा जांच जारी है।





