महतारी वंदन में नए पंजीयन पर ब्रेक, 10 लाख महिलाओं की उम्मीदें 1200 करोड़ में अटकीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में करीब 10 लाख महिलाएं महतारी वंदन योजना से जुड़ने की राह देख रही हैं। इनमें बस्तर संभाग की दो लाख महिलाएं भी शामिल हैं। इन्हें योजना के दायरे में लाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने 1200 करोड़ रुपए का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है, लेकिन अब तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। विभाग करीब 10 बार पत्र लिखकर स्वीकृति मांग चुका है।
एक ही परिवार में किसी को लाभ, कोई वंचित
योजना का लाभ नहीं मिलने से कई परिवारों में असमान स्थिति बन रही है। एक ही घर में रहने वाली जेठानी को हर महीने एक हजार रुपए मिल रहे हैं, जबकि पंजीयन नहीं होने के कारण देवरानी योजना से बाहर है। पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पोर्टल सीमित अवधि के लिए खोला गया था। हालांकि, यह सुविधा बस्तर संभाग में नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर के दायरे वाले गांवों तक ही सीमित थी। इस दौरान करीब सात हजार महिलाओं का पंजीयन हुआ था।
हर महीने 68 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल रहे 1000 रुपए
महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी। पहले चरण में 70 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीयन किया गया था। विभाग ने विशेष अभियान चलाकर 63 लाख से अधिक हितग्राहियों के आधार को डीबीटी से लिंक कराया। 10 मार्च 2024 को पहली किस्त जारी हुई थी। वर्तमान में 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
सुशासन तिहार में मिले दो लाख से ज्यादा आवेदन
योजना से जुड़ने के लिए महिलाओं की मांग का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले साल सुशासन तिहार में दो लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। इस साल भी योजना के लिए सबसे अधिक आवेदन आए हैं, लेकिन पोर्टल नहीं खुलने से नए पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं।
योजना के लिए आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, सांसद-विधायक और सरकारी बोर्ड-निगम के पदाधिकारियों के परिवार पात्र नहीं हैं। छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी नहीं होने और 1 जनवरी को 21 वर्ष से कम आयु होने पर भी लाभ नहीं मिलेगा। वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव के मुताबिक, इस संबंध में प्रक्रिया जारी है और जल्द निर्णय लिया जाएगा।





