छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण शुरू: प्रवासन, कर्ज और किसानों की आर्थिक स्थिति पर जुटेगा डेटा

जुलाई 2026 से जून 2027 तक चलेगा सर्वे, टैबलेट आधारित प्रणाली से होगी जानकारी एकत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) के 81वें दौर का शुभारंभ हो गया है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के मार्गदर्शन में आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय द्वारा जुलाई 2026 से जून 2027 तक प्रवासन, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश (AIDIS) तथा कृषि परिवारों के स्थिति आकलन (SAS) से जुड़े सर्वेक्षण कराए जाएंगे।
इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य राज्य और देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े विश्वसनीय आंकड़े जुटाना है, ताकि भविष्य की नीतियां और जनकल्याणकारी योजनाएं अधिक प्रभावी बनाई जा सकें।
प्रवासन सर्वेक्षण के तहत लोगों और परिवारों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के कारण, रोजगार, शिक्षा, विवाह, प्रवास की अवधि और अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
इससे देश में प्रवासन की बदलती प्रवृत्तियों और उसके प्रभावों का आकलन किया जा सकेगा।
वहीं, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण के जरिए परिवारों की आर्थिक स्थिति, कर्ज, निवेश, परिसंपत्तियों और देनदारियों का अध्ययन किया जाएगा। इससे वित्तीय समावेशन और लोगों की ऋण तक पहुंच की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
कृषि परिवारों के स्थिति आकलन सर्वेक्षण में किसानों की आय, खेती की लागत, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां, संसाधनों की उपलब्धता, ऋण और जीवन स्तर से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।
इन आंकड़ों का उपयोग कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी नीतियों को और बेहतर बनाने में किया जाएगा।
सर्वेक्षण का कार्य प्रशिक्षित प्रगणकों और पर्यवेक्षकों द्वारा चयनित ग्रामीण एवं शहरी परिवारों से टैबलेट आधारित सीएपीआई (Computer Assisted Personal Interviewing) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि सांख्यिकी अधिनियम-2008 के तहत सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। विभाग ने चयनित परिवारों से अपील की है कि वे सही जानकारी देकर राष्ट्रीय महत्व के इस सर्वेक्षण में सहयोग करें।





