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शहरी गरीबों के लिए आवास योजना में बड़ा बदलाव, अब 2024 तक का निवास मान्य

PM आवास योजना-शहरी 1.0 की कट-ऑफ 9 साल बढ़ी; 36,969 AHP आवास स्वीकृत, 29,267 बनकर तैयार

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 में बड़ा बदलाव किया है। राज्य शासन ने योजना में निवास की वैधता की कट-ऑफ तारीख 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2024 कर दी है। यानी अब शहरों में 31 अगस्त 2024 तक रह रहे पात्र परिवार भी योजना के तहत आवास पाने के लिए पात्रता के दायरे में आ सकेंगे।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है। विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मुताबिक बदली हुई कट-ऑफ से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जा सकेगा। नगरीय निकायों को पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों का सत्यापन और चयन कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

AHP में 29,267 मकान पूरे

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 के अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) घटक के तहत प्रदेश में 36,969 आवास स्वीकृत हैं। इनमें से 29,267 मकान पूरे हो चुके हैं, जबकि 7,702 का निर्माण जारी है। अब तक 30,438 आवासों का आवंटन किया जा चुका है। इनमें 21,923 परिवार अपने पक्के मकानों में रहना शुरू कर चुके हैं।

15 दिन में पात्र हितग्राहियों को लाभ

विभाग ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को संशोधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव ने 15 दिनों के भीतर आवास से वंचित पात्र परिवारों को AHP आवास का लाभ दिलाने को कहा है। इसकी मॉनिटरिंग सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी करेंगे।

केंद्र-राज्य से अनुदान

AHP के तहत स्लम में रहने वाले शहरी गरीब आवासहीन परिवारों के लिए केंद्र सरकार प्रति आवास 1.50 लाख रुपए और राज्य सरकार 2.50 लाख रुपए का अनुदान देती है। हितग्राही को 75 हजार रुपए अंशदान आसान किश्तों में जमा करना होता है। वहीं किराये के मकानों में रहने वाले पात्र कमजोर आय वर्ग के परिवारों के लिए भी केंद्र से 1.50 लाख रुपए अनुदान और राज्य की ओर से नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कट-ऑफ बढ़ने से अधिक जरूरतमंद परिवार पक्के मकान के लाभ से जुड़ेंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे शहरी गरीबों की वास्तविक आवासीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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