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GPM में लोक अदालत की बड़ी उपलब्धि, 2.52 लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण

रायपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

जिले के राजस्व न्यायालयों में लोक अदालत के लिए कुल 2 लाख 53 हजार 365 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से 2 लाख 52 हजार 967 मामलों का निराकरण किया गया। यानी करीब 99.8% प्रकरणों का समाधान हुआ। बड़ी संख्या में लंबित मामलों के निपटारे से आम लोगों को राहत मिली है।

आपसी सहमति से मामलों का समाधान

लोक अदालत में विभिन्न तरह के राजस्व प्रकरणों का निपटारा पक्षकारों की सहमति और आपसी सुलह के आधार पर किया गया। इससे लंबे समय से लंबित मामलों को गति मिली और लोगों को सामान्य न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले समय और खर्च से राहत मिली।

खातेदारों के बीच आपसी बंटवारे के 23 मामलों में से 22 का निराकरण हुआ। वारिसों के बीच बंटवारे के 19 में से 18 और कब्जे के आधार पर बंटवारे के 7 में से 6 मामलों का समाधान किया गया।

नामांतरण के 73 में से 72 मामले सुलझे

धारा 145 की कार्यवाही से जुड़े सभी 10 प्रकरणों का निराकरण किया गया। रेंट कंट्रोल एक्ट का एकमात्र मामला भी पूरी तरह सुलझा लिया गया। वहीं विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के 73 प्रकरणों में से 72 का निराकरण किया गया। अन्य प्रकृति के 2,152 मामलों में से 2,139 प्रकरणों का समाधान हुआ।

अन्य विभागों के 2.50 लाख से ज्यादा मामले निपटे

लोक अदालत में अन्य विभागों से जुड़े 2 लाख 51 हजार 80 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से 2 लाख 50 हजार 699 मामलों का निराकरण किया गया। इससे जिले में लंबित प्रकरणों के बोझ को कम करने में मदद मिली।

राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति और सुलह के जरिए त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। GPM जिले में इतने बड़े पैमाने पर प्रकरणों के निराकरण से न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के साथ नागरिकों के समय और संसाधनों की भी बचत हुई है।

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