महादेव बेटिंग ऐप मास्टर माइंड सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया; भारत लाने की तैयारी

दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी की खबर के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उसके भारत प्रत्यर्पण को लेकर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय एजेंसियां इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर हिरासत में लिए गए चंद्राकर को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज करने की तैयारी में हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक किसी सरकारी एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरभ चंद्राकर को रॉयल ओमान पुलिस ने फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे मस्कट के हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। अब भारत सरकार प्रत्यर्पण संधि और कानूनी औपचारिकताओं के जरिए उसे वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है।
बताया जाता है कि सौरभ चंद्राकर पिछले कई वर्षों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था। हाल ही में उसके ओमान पहुंचने के दौरान इमिग्रेशन जांच में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज सामने आए, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई। इंटरपोल के रेड नोटिस के कारण भारतीय एजेंसियों को भी इस मामले में अहम बढ़त मिली है।
भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर 5,000 करोड़ रुपए के कथित महादेव ऑनलाइन बेटिंग घोटाले का प्रमुख आरोपी माना जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) समेत कई केंद्रीय एजेंसियां उस पर अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित करने, हवाला के जरिए करोड़ों रुपए के लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही हैं। यह मामला देश के कई राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।
यदि प्रत्यर्पण प्रक्रिया सफल होती है, तो सौरभ चंद्राकर से भारत में महादेव ऐप नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा सकती है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण को लेकर आधिकारिक एजेंसियों की ओर से औपचारिक बयान का इंतजार है।





