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साय कैबिनेट की बैठक खत्म: बस्तर फाइटर्स, निजी यूनिवर्सिटी, GST और OTS समेत 11 अहम फैसलों पर मुहर

रायपुर। साय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई अहम फैसलों पर मुहर लगी।

बैठक में बिजली भुगतान व्यवस्था, बस्तर फाइटर्स, निजी विश्वविद्यालय, जीएसटी-वैट कानून, उद्योग, कारोबार, नवा रायपुर, किरायेदारी और पर्यावरण से जुड़े कुल 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

सरकार का दावा है कि इन फैसलों से निवेश बढ़ेगा, कारोबार करना आसान होगा, कर व्यवस्था सरल बनेगी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय बिजली भुगतान व्यवस्था को लेकर लिया गया।

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए मौजूदा ट्राइपार्टाइट एग्रीमेंट की जगह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) लागू करने की मंजूरी दी। इससे एनटीपीसी समेत अन्य केंद्रीय कंपनियों से बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहेगी और राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

पढ़े अहम निर्णय

  • मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) के स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (Direct Debit Mandate-DDM) व्यवस्था लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से एनटीपीसी सहित अन्य सीपीएसयू से विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी तथा भुगतान सुरक्षा की व्यवस्था आरबीआई के वर्तमान प्रावधानों के अनुरूप हो सकेगी। राज्य शासन पर इससे कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, क्योंकि वितरण कंपनी द्वारा भुगतान की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी तथा आवश्यक होने पर पहले लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
  • मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को स्वीकृति दी गई है।
  • मंत्रिपरिषद् द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस संशोधन में भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विनियमन प्रकोष्ठ की अनुशंसाओं के अनुरूप निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना संबंधी प्रावधानों को अधिक व्यावहारिक, गुणवत्तापूर्ण और समकालीन बनाया गया है।
  • इसके तहत निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विन्यास निधि के स्थान पर रक्षित निधि का प्रावधान लागू करने से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जा सकेंगे। इसमें आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय एवं अन्य सुविधाओं को यूजीसी एवं सक्षम नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। इस संशोधन से राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा।मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन के माध्यम से छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने के साथ ही उससे संबंधित प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
  • जीएसटी लागू होने के बाद वैट संबंधी द्वितीय अपीलों के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है और राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की स्थापना भी हो चुकी है। ऐसे में पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण की आवश्यकता नहीं रह गई है। इस संशोधन के बाद अधिकरण में लंबित प्रकरणों का स्थानांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा, जिससे अपीलों के निराकरण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं अधिक प्रभावी हो सकेगी।
  • मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस संशोधन का उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना, अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाना तथा करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। इससे कर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा, करदाताओं को सुविधा मिलेगी साथ ही राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
  • मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना, उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना तथा निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस संशोधन विधेयक के प्रारूप को तैयार करने में अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का भी अध्ययन किया गया है। इससे निवेश प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
  • मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल एवं समयबद्ध बनाना है। इस तरह का विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।
  • मंत्रिपरिषद् ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने हेतु वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी है। इस योजना से पात्र आबंटितियों को निर्धारित शर्तों के तहत बकाया देयों के नियमितीकरण, परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने में मदद मिलेगी, जो विकास करने के इच्छुक है उनको अवसर मिलेगा और जो इच्छुक नहीं है, वे समय पर आबंटित भूमि को सरेंडर कर सकेंगे। इस निर्णय से मुकदमेबाजी में कमी आएगी, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • मंत्रिपरिषद् ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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