दिव्यांगों पर टिप्पणी मामले में समय रैना समेत 6 कॉमेडियंस पर जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट बोला- सुधार का मौका दिया, लेकिन अदालत को गुमराह किया
दिल्ली। दिव्यांगों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना, रणवीर अलाहाबादिया, विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर पर 3-3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पिछले आदेश के बावजूद समय रैना ने अपने शो में किसी दिव्यांग व्यक्ति को शामिल नहीं किया। पीठ ने टिप्पणी की कि अदालत ने उन्हें सुधार का अवसर दिया था, लेकिन उन्होंने न केवल निर्देशों का पालन नहीं किया बल्कि अदालत को गुमराह भी किया। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि दो सप्ताह के भीतर जुर्माना जमा नहीं किया गया तो इसे बढ़ाकर 30 लाख रुपए तक किया जा सकता है।
यह मामला क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर चल रहा है। संस्था ने आरोप लगाया था कि रैना के शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) जैसी गंभीर बीमारी और दिव्यांगों का मजाक उड़ाया गया, जिससे उनकी गरिमा और सम्मान के अधिकार का उल्लंघन हुआ। याचिका में दिव्यांगों के प्रति अपमानजनक ऑनलाइन कंटेंट पर स्पष्ट नियम बनाने की भी मांग की गई है।
समय रैना के वकील ने अदालत को बताया कि उनके शो के जरिए 9 लाख रुपए का फंड जुटाया गया और दिव्यांगों को आमंत्रित भी किया गया था। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि संस्था से कभी संपर्क नहीं किया गया और उन्हें आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सम्मान चाहिए।
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता असीमित नहीं होती। सार्वजनिक मंच पर कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है। उन्होंने कहा, “हमने इन्हें आजादी इसलिए दी थी कि ये अपने व्यवहार में सुधार लाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समाज की भावनाओं का सम्मान नहीं करेंगे तो उसके परिणाम भी भुगतने होंगे।”





