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छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी ने पकड़ी रफ्तार, 69% रकबे में हुई बोनी; किसानों को 9.22 लाख टन खाद वितरित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय होने के साथ ही खरीफ सीजन की खेती-किसानी पूरे जोर पर है। कृषि विभाग के मुताबिक 22 जुलाई तक प्रदेश में 48.69 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 33.50 लाख हेक्टेयर यानी 69 प्रतिशत रकबे में बोनी पूरी हो चुकी है। धान के साथ मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी फसलों की बुआई तेजी से जारी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को किसानों को समय पर प्रमाणित खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का भंडारण सुनिश्चित करने और इसकी लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग पूरी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।

प्रदेश के किसानों को अब तक 9.22 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। बीज निगम ने इस खरीफ सीजन में 4.95 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा है, जिसके मुकाबले 4.70 लाख क्विंटल का भंडारण किया गया और 83 प्रतिशत मांग पूरी करते हुए 4.12 लाख क्विंटल बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है।

उर्वरकों की बात करें तो इस सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके मुकाबले 14.57 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया, जिनमें से 9.22 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित हो चुका है।

वहीं, प्रदेश में 22 जुलाई तक औसतन 389.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 21 जुलाई तक 6,633.71 करोड़ रुपए का अल्पकालीन कृषि ऋण भी वितरित किया गया है, जबकि इस वर्ष 8,800 करोड़ रुपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

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