माइंस संशोधन बिल पर कांग्रेस का हमला: दीपक बैज बोले- केंद्र छीन रहा राज्यों के अधिकार, छत्तीसगढ़ को होगा नुकसान

रायपुर। कांग्रेस ने संसद से पारित माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल-2026 को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि नया कानून खनिज संपदा वाले राज्यों के अधिकारों को कमजोर करेगा और इससे छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता प्रभावित होगी।
रविवार को जारी बयान में बैज ने कहा कि यह संशोधन राज्यों के अधिकारों को सीमित करने वाला फैसला है। उन्होंने कहा कि अब तक एमएमडीआर एक्ट-1957 के तहत राज्यों को खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों में कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त थे, लेकिन नए संशोधन के बाद राज्य सरकारें केंद्र द्वारा निर्धारित व्यवस्था से अलग जाकर खनिजों पर अतिरिक्त कर, सेस या अन्य लेवी नहीं लगा पाएंगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस कानून को खनन क्षेत्र में कर व्यवस्था को एक समान बनाने की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है, लेकिन कांग्रेस इसे राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप मानती है। बैज ने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में खनन से मिलने वाले राजस्व की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में नए कानून का सीधा असर राज्य की आय पर पड़ सकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के 2024 के फैसले का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अदालत ने राज्यों के खनिज अधिकारों पर कर लगाने के अधिकार को मान्यता दी थी, लेकिन नया संशोधन उस फैसले के प्रभाव को सीमित करने का प्रयास है।
बैज ने हसदेव, तमनार, धरमजयगढ़, रायगढ़, मैनपाट, बैलाडीला, बचेली, किरंदुल, कांकेर और बीजापुर जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि खनन गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार विरोध सामने आता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के अधिकारों को भी कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने बिना व्यापक चर्चा के इसे संसद से पारित करा लिया।





