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छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय पहचान, मिला बेस्ट इमर्जिंग डेस्टिनेशन अवॉर्ड

रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक खूबसूरती, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर बड़ी पहचान मिली है। विशाखापट्टनम में आयोजित 41वें इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के वार्षिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को ‘Best Emerging Tourist Destination’ सम्मान से नवाजा गया। 10 से 13 सितंबर तक नोवोटेल वरुण बीच में हुए सम्मेलन में देशभर के पर्यटन विभागों, टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल हुए।

सम्मेलन की थीम ‘भारत—विश्व के पर्यटन अवसरों का अगला बड़ा केंद्र’ रही। इसमें नए पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटन कारोबार बढ़ाने और देश में पर्यटन की नई संभावनाओं पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ ने इस मंच पर प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय पर्यटन की विशेषताओं को प्रस्तुत किया।

वीडियो प्रेजेंटेशन से दिखाई प्रदेश की तस्वीर

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिए बस्तर के जलप्रपात और जंगल, सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत, दंतेवाड़ा की धार्मिक आस्था, वन्यजीव और जनजातीय परंपराओं की झलक दिखाई। ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स को छत्तीसगढ़ को अपनी यात्रा इटिनरी में शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया।

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने भी भाग लिया। उन्होंने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखा। सम्मेलन के दौरान उन्हें सम्मानित भी किया गया।

टूर ऑपरेटर्स ने पैकेज को लेकर की चर्चा

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के पवेलियन में ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स की अच्छी रुचि देखने को मिली। प्रतिनिधियों ने प्रदेश के पर्यटन पैकेज, डेस्टिनेशन और इटिनरी को लेकर B2B बैठकें कीं। 11 और 12 सितंबर को आयोजित भारतीय पर्यटन मेले में भी पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच संपर्क और व्यावसायिक बैठकें हुईं।

पर्यटन निवेश और रोजगार को मिल सकता है फायदा

‘Best Emerging Tourist Destination’ सम्मान को छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों को देशभर में प्रचारित करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और नए पर्यटन निवेश आकर्षित करने के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

प्रकृति, इतिहास, अध्यात्म और जनजातीय संस्कृति के अनूठे मेल के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

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