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वीबी जीरामजी लागू होते ही श्रमिकों को बड़ी सौगात, छत्तीसगढ़ में मजदूरी 261 से बढ़कर 300 रुपए प्रतिदिन

रायपुर। विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी जीरामजी योजना बुधवार से पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी लागू हो गई। योजना के पहले ही दिन ग्रामीण श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है। भारत सरकार ने अकुशल श्रमिकों की नई मजदूरी दर अधिसूचित करते हुए छत्तीसगढ़ में दैनिक मजदूरी 261 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए कर दी है। यानी मजदूरी में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार नई मजदूरी दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण श्रमिकों की आय बढ़ेगी और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। योजना लागू होने के साथ ही गांवों में श्रमिकों के बीच उत्साह का माहौल देखा गया और विभिन्न स्थानों पर लोगों को इसकी जानकारी भी दी गई।

वीबी जीरामजी योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 की जगह 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। साथ ही 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड और तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। सरकार का दावा है कि इससे भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।

योजना के तहत जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क निर्माण, वृक्षारोपण और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और आजीविका बढ़ाने पर भी विशेष जोर रहेगा। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की योजना अब ग्राम सभा के माध्यम से तैयार होगी, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कामों का चयन किया जा सके।

योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। वहीं छत्तीसगढ़ में कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण रोजगार और विकास को नई गति देगी।

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