देश के 15 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, केरल-तमिलनाडु में भारी बारिश के आसार

दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई के बीच मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी आंधी-बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी
केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। लक्षद्वीप में भी बारिश और खराब मौसम की स्थिति बन सकती है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में 13 अक्टूबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसका असर दक्षिण भारत के मौसम पर पड़ सकता है।
उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम
उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी मौसम बदल सकता है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की जरूरत है। हालांकि, उत्तर भारत में फिलहाल व्यापक शीतलहर की संभावना नहीं है।
पूर्वी और मध्य भारत में बारिश के आसार
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। राजस्थान और गुजरात में मौसम की स्थिति क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रहने का अनुमान है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम में बदलाव के दौरान बिजली गिरने, तेज हवाओं और जलभराव से परेशानी हो सकती है। लोगों को गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। किसानों को कटाई के लिए तैयार फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित रखने की जरूरत है। मौसम विभाग के ताजा जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार स्थानीय परिस्थितियां बदल सकती हैं।





