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छत्तीसगढ़ विधानसभा से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 पारित: रिस्क बेस्ड बिजनेस परमिशन लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 पारित कर दिया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए रिस्क बेस्ड (जोखिम आधारित) और ट्रस्ट बेस्ड (विश्वास आधारित) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू होगा।

सरकार के अनुसार नए कानून का उद्देश्य उद्योगों की स्थापना और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करना और विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को तेज, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना है।

अधिनियम के तहत उद्योगों का वर्गीकरण उनके आकार और गतिविधियों के आधार पर जोखिम श्रेणियों में किया जाएगा। कम जोखिम वाले कारोबारों को आसान और त्वरित मंजूरी मिलेगी। इन इकाइयों के लिए बार-बार होने वाले विभागीय निरीक्षण की जगह सेल्फ सर्टिफिकेशन या अधिकृत विशेषज्ञों के प्रमाणन की सुविधा मिलेगी। वहीं, तय समय-सीमा में विभाग द्वारा निर्णय नहीं लेने पर पात्र मामलों में ऑटो अप्रूवल की व्यवस्था भी लागू होगी।

नई व्यवस्था में हर साल लाइसेंस और अनुमति के नवीनीकरण की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। जल प्रदाय, भवन अनुज्ञा और सोसायटी या फर्म के पंजीयन जैसी कई सेवाएं भी सरल प्रक्रिया से उपलब्ध होंगी। हालांकि अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं के लिए तकनीकी परीक्षण और भौतिक निरीक्षण की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।

सरकार ने अधिनियम के तहत आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव और जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में निगरानी समितियां बनाई जाएंगी।

सरकार का दावा है कि इस कानून से राज्य के 15 लाख से अधिक एमएसएमई को सीधा लाभ मिलेगा। इससे कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय और लागत कम होगी तथा छत्तीसगढ़ में निवेश और रोजगार को नई गति मिलेगी।

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