डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा के लिए बनेगी अभेद्य व्यवस्था, ई-एचआरएमएस पोर्टल से होगी अधिकारियों की निगरानी

रायपुर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास मंत्री टंक राम वर्मा ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने, डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाने का फैसला किया गया।
बैठक में मंत्री ने जमीन संबंधी रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी और साइबर खतरों को रोकने के लिए डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा हेतु अभेद्य कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों के भूमि संबंधी डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए आधुनिक तकनीकी उपाय अपनाए जाएंगे।
राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने के लिए ई-एचआरएमएस (इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल में अधिकारियों की पदस्थापना, अवकाश, विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन और अचल संपत्ति संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज और अपडेट रहेगी।
मंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा भू-अभिलेख शाखा के अधिकारियों की सूची तलब की है। साथ ही तीन साल से एक ही हल्के में कार्यरत पटवारियों का पूरा ब्यौरा भी मांगा गया है।
नगरीय क्षेत्रों में गरीब एवं पात्र परिवारों को पट्टा वितरण की प्रक्रिया तेज करने के लिए मंत्री ने 15 अगस्त तक सर्वे कार्य पूरा करने की समय-सीमा तय की। उन्होंने कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर मालिकाना हक मिलना चाहिए।
बैठक में शासकीय भूमि की समाप्त हो चुकी लीज के नवीनीकरण, जियो-रेफरेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री तथा लंबित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने राजस्व बढ़ाने और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।





