अमेरिका-ईरान सीजफायर: तेहरान में जश्न, US में उठे सवाल, 10 पॉइंट में समझें क्यों इसे ट्रंप की हार कहा जा रहा

दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में बड़ा मोड़ तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान कर दिया। इस घोषणा के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में जश्न का माहौल देखने को मिला। लोग सड़कों पर उतर आए, झंडे लहराए और अमेरिका-इज़रायल विरोधी नारे लगाए। लंबे समय से जारी तनाव के बीच यह राहत का पल माना जा रहा है।
वहीं अमेरिका में इस फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर Chris Murphy ने इस सीजफायर को ट्रंप की “पूरी तरह सरेंडर” बताया। उनका कहना है कि ईरान के सामने अमेरिका झुक गया है, जिससे वैश्विक रणनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसकी 10 शर्तों को मान लिया है। इन्हीं शर्तों के आधार पर इस सीजफायर को ईरान अपनी बड़ी जीत बता रहा है।
10 पॉइंट में समझें क्यों इसे अमेरिका के लिए शिकस्त कहा जा रहा है:
- अमेरिका ने ईरान पर हमला न करने की बात मानी।
- Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण कायम रहेगा।
- यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) जारी रखने की अनुमति।
- सभी प्राथमिक प्रतिबंध (Primary Sanctions) हटाने की बात।
- सेकेंडरी सैंक्शंस खत्म करने का प्रस्ताव।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव खत्म करने की मांग।
- अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी बोर्ड के प्रस्ताव हटाने की शर्त।
- ईरान को मुआवजा देने की बात।
- क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी।
- सभी मोर्चों पर युद्ध विराम, जिसमें Hezbollah से जुड़े संघर्ष भी शामिल।
इन शर्तों को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ये लागू होती हैं, तो यह ईरान की रणनीतिक जीत और अमेरिका की कूटनीतिक हार मानी जा सकती है।



