सुकमा की रेत खदान का ई-नीलामी से होगा आबंटन, 17 जून से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन

गौण खनिज आबंटन में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने छत्तीसगढ़ शासन की नई पहल
रायपुर/सुकमा। छत्तीसगढ़ शासन ने गौण खनिज साधारण रेत खदानों के आबंटन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सुकमा जिले की साधारण रेत खदान का आबंटन ई-नीलामी (ऑनलाइन रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से खनिज संसाधनों के उपयोग में जवाबदेही बढ़ेगी और शासन के राजस्व में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन सुकमा के अनुसार, नगर पंचायत कोंटा क्षेत्र अंतर्गत शबरी नदी स्थित साधारण रेत खदान का उत्खनन पट्टा ई-नीलामी के जरिए दिया जाएगा। इसके लिए खसरा क्रमांक 374 में कुल 4.00 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इच्छुक बोलीदाता इस खदान के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
रेत खदान आबंटन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। निविदा जारी करने से लेकर बोलीदाताओं का पंजीयन, तकनीकी पात्रता की जांच और लॉटरी प्रक्रिया तक सभी चरण एमएसटीसी (MSTC) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पूरे किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और सभी पात्र आवेदकों को समान अवसर मिलेगा।
जिला प्रशासन ने ऑनलाइन आवेदन की समय-सारणी जारी कर दी है। इसके अनुसार आवेदन प्रक्रिया 17 जून 2026 से शुरू होगी। इच्छुक आवेदक 23 जून 2026 शाम 5.30 बजे तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। निविदाएं 24 जून 2026 को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, सुकमा में खोली जाएंगी।
प्रशासन ने इच्छुक बोलीदाताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। निविदा से संबंधित विस्तृत शर्तें और दिशा-निर्देश छत्तीसगढ़ खनिज विभाग की वेबसाइट तथा सुकमा जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा, संबंधित ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायत कार्यालयों के सूचना पटल पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
ई-नीलामी व्यवस्था लागू होने से रेत खदानों के आबंटन में अनियमितताओं पर रोक लगेगी और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के साथ राजस्व संग्रहण को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन ने कहा कि खनिज क्षेत्र में डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देकर शासन की नीतियों के अनुरूप पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जा रही है।



